मनोज भरद्वाज : "वर्ष 1997 से निशक्तजन व् जनता से जुड़े अहम् मुद्दों पर कार्य करने मे सेवारत"
Biography
बिना किसी निजी स्वार्थ के मेरी दोस्ती जयपुर के उन खास लोगो से हो गई जो अपनी अभिव्यक्ति संकेतो के माध्यम से व्यक्त करते थे !!धीरे धीरे मुझे सोभाग्य प्राप्त हुआ की मे देनिक जीवन मे प्रयोग होने वाले संकेत का अध्यन करू और मेरे दोस्तों की अभिव्यक्ति संकेतो के माध्यम से व्यक्त करू, वो चाहे रोजगार दिलाने मे हो या फिर उन से जुड़े अन्य देनिक परेशानिया, मेरा प्रयास रहता की अपने जीवन मे से जब भी कभी थोडा सा भी वक्त फ्री मिलता मे बधिर जन के हित मे कार्य करने मे जुट जाता, इसी बीच मुझे भारतीय व् अमेरिकन संकेतित भाषा को जानने का अवसर प्राप्त हुआ, जब मुझे ज्ञात हुआ की इस कार्य को करने मे मुझे प्रसंता होती है तो मेने अपनी अछी खासी नोकरी छोड़ अमेरिका से आये एक बधिर व्यक्ति को बतोर दुभाषिया ज्वाइन किया और संकेतित भाषा पर अपनी पकड़ और प्रगाड़ की ! पारिवारिक दशा ठीक नहीं होने के कारण मेरा सांकेतित भाषा को जानने मे आये सभी खर्च को एक धनि व्यक्ति ने वहन किये, इसी बीच मुझे कई प्रकार के अलग अलग कोर्स करने का अवसर भी प्राप्त हुआ,
वर्ष 1997 मे मेरे द्वारा पहला स्टेज कार्यक्रम बधिर जन के लिए बतोर दुभाषिया प्रस्तुत किया गया और उस आयोजन ने मुझे मेरे कुछ बधिर दोस्तों के साथ बहुत सारे बधिर दोस्तों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया, इसी बीच रास्ट्रीय स्तर के आयोजन मे मुझे भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ इस आयोजन मे मुझे जानकारी प्राप्त हुई की "कितना संघर्ष पूर्ण जीवन है बधिर व्यक्तियों का" बस इसी कारण मेरे द्वारा जयपुर मे एक सामाजिक संस्थान का गठन किया गया जो की बधिर जन के साथ समाज के अनेक सामाजिक मुद्दों पर आज तक प्रयासरत है नुपूर संस्थान के नाम से !
अपने जीवन यापन या पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वाह के लिए मेरे व्यापारिक प्रतिष्ठान जिन्हें आप सनराइज एच आर कंसल्टंसी एंड मार्केटिंग सर्विस और अन्य फ्लोवर ओन डिमांड. कॉम के नाम से जानते है !
(नोट : गूगल पर टायपिंग के कारण गलतिया नजर अंदाज़ कर दे )
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